
कोरबा/बांकी मोंगरा। नगर पालिका परिषद बांकी मोंगरा में स्वच्छता दीदियों को परिषद की ओर से दिए गए कपड़ों को लेकर नया विवाद सामने आया है। स्वच्छता दीदियों का कहना है कि उन्हें परिषद की ओर से केवल एक साड़ी या एक सूट दिया गया है, लेकिन अब उन्हें रोजाना वही कपड़ा पहनकर काम पर आने के लिए कहा जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि सुबह से शाम तक मेहनत करने वाली स्वच्छता दीदियां आखिर एक ही जोड़ी कपड़ों में रोजाना काम कैसे करें?
एक ही जोड़ी कपड़ों में रोजाना ड्यूटी कैसे करेंगी स्वच्छता दीदियां?
स्वच्छता दीदियों के मुताबिक, नगर पालिका परिषद की ओर से उन्हें पहनने के लिए एक साड़ी या सूट उपलब्ध कराया गया है। बताया जा रहा है कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) की ओर से निर्देश दिया गया है कि स्वच्छता दीदियां परिषद द्वारा दिए गए कपड़े पहनकर ही रोजाना काम पर आएं।
इस निर्देश को लेकर स्वच्छता दीदियों के सामने व्यावहारिक परेशानी खड़ी हो गई है। उनका कहना है कि वे सुबह से लेकर शाम तक सफाई सहित अन्य कार्यों में जुटी रहती हैं। ऐसे में रोजाना एक ही कपड़ा पहनकर काम करना उनके लिए मुश्किल है। कपड़े गंदे होने, पसीने और धूल-मिट्टी के कारण उन्हें नियमित रूप से धोने की आवश्यकता भी होती है।
स्वच्छता दीदियों का सवाल है कि यदि परिषद की ओर से निर्धारित कपड़े पहनना अनिवार्य है, तो उन्हें कम से कम दो जोड़ी कपड़े उपलब्ध क्यों नहीं कराए जाते?
‘क्या CMO मैडम भी रोजाना एक ही कपड़ा पहनकर आएंगी?’
स्वच्छता दीदियों ने अपनी परेशानी जाहिर करते हुए सवाल उठाया है कि जब कर्मचारियों से रोजाना एक ही साड़ी या सूट पहनकर आने की अपेक्षा की जा रही है, तो क्या अधिकारी भी रोजाना एक ही कपड़ा पहनकर कार्यालय आएंगे?
उनका कहना है कि कर्मचारियों को निर्देश देना आसान है, लेकिन किसी निर्देश को लागू करने से पहले उनकी वास्तविक परिस्थितियों और जरूरतों को समझना भी जरूरी है।
स्वच्छता दीदियों के अनुसार, वे नगर की साफ-सफाई व्यवस्था को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। धूप, धूल-मिट्टी और गंदगी के बीच काम करने के बावजूद यदि उन्हें कपड़ों को लेकर परेशानी का सामना करना पड़े, तो उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
हालांकि, CMO की ओर से जारी निर्देश का सटीक स्वरूप और इस संबंध में उनका पक्ष सामने आना बाकी है।
दो जोड़ी कपड़े देने की मांग, ताकि रोजाना पहनकर आ सकें काम पर
स्वच्छता दीदियों की मांग है कि यदि नगर पालिका परिषद चाहती है कि सभी कर्मचारी निर्धारित साड़ी या सूट पहनकर ही ड्यूटी पर आएं, तो उन्हें कम से कम दो जोड़ी कपड़े उपलब्ध कराए जाएं। इससे वे एक जोड़ी कपड़े धोने के दौरान दूसरी जोड़ी पहनकर काम पर आ सकेंगी।
उनका कहना है कि वे निर्धारित ड्रेस पहनने के विरोध में नहीं हैं, लेकिन इसके लिए जरूरी व्यवस्था भी होनी चाहिए। केवल एक जोड़ी कपड़े देकर रोजाना उसी को पहनकर आने की अपेक्षा करना उनकी व्यावहारिक समस्याओं को बढ़ा सकता है।
स्वच्छता दीदियों का कहना है कि वे अपने काम और जिम्मेदारियों को समझती हैं। नगर पालिका प्रशासन को भी उनकी परेशानियों को समझते हुए उचित समाधान निकालना चाहिए।
कर्मचारियों की सुविधा और प्रशासनिक निर्देशों के बीच संतुलन जरूरी
नगर पालिका परिषद में कर्मचारियों के लिए ड्रेस निर्धारित करना एक प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है, लेकिन इसे लागू करते समय कपड़ों की पर्याप्त उपलब्धता, उनकी धुलाई और काम की प्रकृति जैसे पहलुओं पर भी विचार किया जाना चाहिए।
स्वच्छता दीदियां प्रतिदिन शहर की सफाई व्यवस्था में योगदान देती हैं। ऐसे में उनके लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं को सुनना भी निकाय प्रशासन की जिम्मेदारी का हिस्सा है।
अब देखना होगा कि बांकी मोंगरा नगर पालिका परिषद का प्रशासन स्वच्छता दीदियों की इस मांग पर क्या कदम उठाता है। क्या उन्हें दूसरी जोड़ी साड़ी या सूट उपलब्ध कराया जाएगा, या फिर एक ही जोड़ी कपड़े पहनकर रोजाना ड्यूटी पर आने का निर्देश जारी रहेगा?
फिलहाल स्वच्छता दीदियों की मांग साफ है—ड्रेस पहनने का निर्देश देना है, तो कम से कम दो जोड़ी कपड़े भी उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे बिना परेशानी के अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।

