
जशपुर से लाए गए कर्मचारियों से सफाई के साथ ट्रैक्टर चलवाने का दावा, नियमों की अनदेखी हुई तो दुर्घटना की जिम्मेदारी कौन लेगा?
बांकी मोंगरा, कोरबा। बांकी मोंगरा नगर पालिका परिषद की मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) की कार्यप्रणाली को लेकर एक नया सवाल खड़ा हो रहा है। आरोप है कि जशपुर से लाए गए कर्मचारियों से सफाई कार्य कराने के साथ-साथ नगर पालिका परिषद का ट्रैक्टर भी चलवाया जा रहा है। सबसे गंभीर सवाल यह है कि क्या ट्रैक्टर चलाने वाले संबंधित कर्मचारियों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस है? यदि बिना वैध लाइसेंस के उनसे वाहन चलवाया जा रहा है, तो यह न केवल सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है, बल्कि नगर पालिका की जिम्मेदारी और कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।
सफाई कर्मचारियों से ट्रैक्टर चलवाने की जरूरत क्यों?
नगर पालिका परिषद में सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कर्मचारियों की तैनाती की जाती है। लेकिन यदि सफाई कार्य के लिए रखे गए कर्मचारियों से ट्रैक्टर चलाने का काम भी लिया जा रहा है, तो यह जानना जरूरी है कि उन्हें किस पद और किस जिम्मेदारी के तहत यह काम सौंपा गया है।
क्या संबंधित कर्मचारियों को ट्रैक्टर चलाने का प्रशिक्षण दिया गया है? क्या उनके पास आवश्यक श्रेणी का वैध ड्राइविंग लाइसेंस है? क्या नगर पालिका प्रबंधन ने वाहन संचालन से पहले उनके दस्तावेजों की जांच की है? इन सवालों का जवाब नगर पालिका प्रशासन को देना चाहिए।
हालांकि, कर्मचारियों की नियुक्ति, उनके कार्य आवंटन और लाइसेंस की स्थिति से संबंधित दस्तावेजों की पुष्टि होना अभी बाकी है।
बिना लाइसेंस ट्रैक्टर चलाने का आरोप, दुर्घटना हुई तो जिम्मेदार कौन?
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल सड़क सुरक्षा का है। यदि कोई कर्मचारी बिना आवश्यक वैध लाइसेंस के नगर पालिका का ट्रैक्टर चला रहा है, तो यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय है। ट्रैक्टर का उपयोग सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर होने की स्थिति में चालक की योग्यता और वाहन संचालन से जुड़े नियमों का पालन बेहद जरूरी है।
ऐसे में सवाल उठता है कि यदि ट्रैक्टर चलाते समय कोई दुर्घटना हो जाती है, किसी राहगीर को चोट लगती है या किसी की जान चली जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
क्या संबंधित कर्मचारी को ट्रैक्टर चलाने का निर्देश देने वाले अधिकारियों की भूमिका की जांच होगी? क्या नगर पालिका प्रशासन ने वाहन संचालन के लिए कोई लिखित आदेश जारी किया है? क्या ट्रैक्टर के दस्तावेज, बीमा और चालक के लाइसेंस की जांच की गई है?
इन सवालों को नजरअंदाज करना उचित नहीं होगा। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी का निर्धारण वास्तविक तथ्यों, संबंधित दस्तावेजों और लागू कानूनों के आधार पर किया जाना चाहिए।
CMO की जवाबदेही तय होनी चाहिए
नगर पालिका परिषद की प्रशासनिक व्यवस्था में मुख्य नगर पालिका अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में यदि कर्मचारियों से उनके निर्धारित कार्यों से अलग वाहन संचालन का काम लिया जा रहा है, तो प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इसके पीछे क्या प्रक्रिया अपनाई गई है।
क्या कर्मचारियों को ट्रैक्टर चलाने के लिए अधिकृत किया गया है? क्या उनके लाइसेंस और प्रशिक्षण की जांच हुई है? क्या वाहन संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है?
इन सवालों पर CMO का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है। यदि नियमों के विपरीत वाहन संचालन की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रशासन से जांच की मांग
इस मामले में जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और संबंधित निकाय के जिम्मेदार अधिकारियों को वास्तविक स्थिति की जांच करनी चाहिए। जांच के दौरान यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि ट्रैक्टर कौन चला रहा है, उसके पास वैध लाइसेंस है या नहीं, कर्मचारियों की नियुक्ति किन कार्यों के लिए की गई है और वाहन संचालन के लिए किस अधिकारी ने अनुमति दी है।
नगर पालिका परिषद को भी कर्मचारियों की तैनाती, कार्य आवंटन और वाहन संचालन से जुड़े रिकॉर्ड सार्वजनिक जांच के लिए उपलब्ध कराने चाहिए, ताकि तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो सके।
बड़ा सवाल: नियमों का पालन होगा या हादसे का इंतजार?
बांकी मोंगरा नगर पालिका परिषद में सफाई कर्मचारियों से ट्रैक्टर चलवाने के आरोप ने प्रशासनिक जवाबदेही और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े कई सवाल खड़े किए हैं। यदि संबंधित कर्मचारी वैध लाइसेंस और आवश्यक अनुमति के बिना ट्रैक्टर चला रहे हैं, तो इस पर तत्काल रोक लगाकर नियमानुसार जांच की जानी चाहिए।
अब देखना यह है कि नगर पालिका की CMO इन सवालों पर क्या जवाब देती हैं और जिला प्रशासन मामले की जांच कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाता है या नहीं।
