--:--
Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ कोरबा जिला धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हनुमंत कथा: अर्जी वाले भक्तों के लिए नियम, धर्मांतरण पर शास्त्री जी का बड़ा बयान

छत्तीसगढ़ कोरबा जिला धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हनुमंत कथा: अर्जी वाले भक्तों के लिए नियम, धर्मांतरण पर शास्त्री जी का बड़ा बयान

by Vimal Kumar
34 views

संपादक विमल कुमार

दिव्य दरबार में श्रद्धालुओं की समस्याओं का समाधान = कथा के दौरान आयोजित दिव्य दरबार में शास्तकथा के दौरान आयोजित दिव्य दरबार में शास्त्री जी ने कई श्रद्धालुओं—जिनमें दिलीप, राजकुमार सहित कई माताएं और बहनें शामिल थीं—के नाम के परचे खोलकर उन्हें मंच पर बुलाया और उनकी समस्याओं के समाधान के उपाय बताए।शास्त्री जी ने बताया कि जिन भक्तों ने अपनी अर्जी लगाई है, उन्हें अर्जी स्वीकृत होने तक मांस और मदिरा का सेवन पूरी तरह त्यागना होगा। साथ ही ऐसे भक्तों को मंगलवार या शनिवार के दिन ही धाम में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है

अर्जी वाले भक्तों के लिए नियम = शास्त्री जी ने बताया कि जिन भक्तों ने अपनी अर्जी लगाई है, उन्हें अर्जी स्वीकृत होने तक मांस और मदिरा का सेवन पूरी तरह त्यागना होगा। साथ ही ऐसे भक्तों को मंगलवार या शनिवार के दिन ही धाम में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।

धर्मांतरण पर खुलकर बोले शास्त्री जी = कथा के दौरान धर्मांतरण के विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी धर्म या मजहब से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन लालच में आकर धर्म बदलने वालों से समस्या है। उनके अनुसार धर्मांतरण के तीन मुख्य कारण हैं—अंधविश्वास, आर्थिक तंगी और अज्ञानता।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने धर्म और अपने भगवान की शक्ति पर विश्वास रखें, क्योंकि “अपने भगवान किसी से कम नहीं हैं।”

बागेश्वर धाम की मान्यता = धाम में स्थापित हनुमान जी के बाल स्वरूप को “सन्यासी बाबा” के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि यह मूर्ति करीब 300 वर्ष पुरानी है और स्वयं भूमि से प्रकट हुई थी, जिससे यहां श्रद्धालुओं की आस्था और भी गहरी हो जाती है।धाम में स्थापित हनुमान जी के बाल स्वरूप को “सन्यासी बाबा” के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि यह मूर्ति करीब 300 वर्ष पुरानी है और स्वयं भूमि से प्रकट हुई थी, जिससे यहां श्रद्धालुओं की आस्था और भी गहरी हो जाती है।

विदेशों से की तुलना = शास्त्री जी ने अपने प्रवचनों में विदेशों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां नदियां तो हैं, लेकिन गंगा जैसी पवित्रता नहीं, पर्वत हैं लेकिन केदारनाथ जैसा आध्यात्मिक महत्व नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों में लोग तो हैं, पर परिवार जैसी संस्कृति नहीं दिखती।

निष्कर्ष = हनुमंत कथा में उमड़ रही भारी भीड़ और शास्त्री जी के विचारों ने एक बार फिर बागेश्वर धाम को आस्था और चर्चा का केंद्र बना दिया है।

You may also like

Contact Us

chandra kumar shriwas

संपादक – चन्द्र कुमार श्रीवास

संपर्क – 6261299296

ईमेल -shriwaskchandra@gmail.com

पता – बांकी मोंगरा, कोरबा, छत्तीसगढ़

Udhyam No : UDYAM-CG-10-0033758

Important Links

All Rights Reserved © 2026 Manas News Chhattisgarh