SECL कार्यालय में सरपंच पति के सील-साइन का वीडियो वायरल, उठे कई सवाल
कोरबा-कुसमुंडा। कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ग्राम पंचायत और SECL कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खोड़री ग्राम पंचायत की सरपंच महिला हैं, लेकिन एक वायरल वीडियो में उनके पति SECL कुसमुंडा कार्यालय के अंदर दस्तावेजों पर सील और हस्ताक्षर करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर सरपंच पति SECL कार्यालय के अंदर किस पद और किस अधिकार के तहत दस्तावेजों पर सील-साइन कर रहे थे?
बताया जा रहा है कि सरपंच पति SECL कुसमुंडा में कार्यरत हैं। हालांकि उनकी नियुक्ति किस पद पर है, उनकी जिम्मेदारी क्या है और उन्हें SECL में कार्य करते हुए कितना समय हुआ है, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में वायरल वीडियो ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
आखिर किस अधिकार से हो रहे थे सील-साइन?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति वास्तव में खोड़री सरपंच का पति है, तो SECL कार्यालय के भीतर उन्हें किन दस्तावेजों पर सील और हस्ताक्षर करने का अधिकार प्राप्त है? क्या वह SECL के नियमित कर्मचारी हैं, या किसी अन्य व्यवस्था के तहत कार्यरत हैं? यदि वे कर्मचारी हैं तो उनका पदनाम और कार्यक्षेत्र क्या है?
साथ ही यह भी जांच का विषय है कि वीडियो में जिन दस्तावेजों पर सील और हस्ताक्षर किए जा रहे हैं, वे किस प्रकृति के कागजात हैं और उन पर हस्ताक्षर करने के लिए संबंधित कर्मचारी को अधिकृत किया गया था या नहीं।
SECL प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल
वीडियो सामने आने के बाद SECL प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। कार्यालय के अंदर किसी कर्मचारी या व्यक्ति द्वारा आधिकारिक दस्तावेजों पर सील और हस्ताक्षर किए जा रहे हैं, तो क्या संबंधित अधिकारी को इसकी जानकारी थी? यदि अनुमति थी तो किस आदेश या अधिकार के तहत दी गई थी? और यदि अनुमति नहीं थी, तो अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई की गई?
लोगों का कहना है कि किसी भी सरकारी अथवा सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठान में दस्तावेजों पर सील और हस्ताक्षर की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार होती है। इसलिए वायरल वीडियो की वास्तविकता और उसमें दिखाई दे रही गतिविधि की विभागीय जांच जरूरी है।
कितने समय से SECL में कार्यरत हैं?
मामले में एक और महत्वपूर्ण सवाल यह है कि खोड़री सरपंच के पति SECL कुसमुंडा में कब से कार्यरत हैं। उन्हें नौकरी मिले कितने वर्ष, महीने या दिन हुए हैं? उनकी नियुक्ति किस पद पर हुई है? उनकी ड्यूटी क्या है? क्या उन्हें संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और कार्यालय की सील इस्तेमाल करने का अधिकार है?
इन तमाम सवालों का जवाब SECL प्रबंधन ही आधिकारिक रूप से दे सकता है।
वायरल वीडियो की जांच की मांग
वायरल वीडियो को लेकर अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है। यह भी जांच जरूरी है कि वीडियो कब का है, किस कार्यालय का है, उसमें दिखाई दे रहे दस्तावेज किस विभाग से संबंधित हैं और वीडियो में दिखाई दे रही सील व हस्ताक्षर की प्रक्रिया नियमों के अनुरूप थी या नहीं।
यदि संबंधित व्यक्ति को आधिकारिक रूप से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर अथवा सील लगाने के लिए अधिकृत किया गया है, तो SECL प्रबंधन को इसकी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं यदि वह अधिकृत नहीं थे, तो नियमों के अनुसार कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इसका जवाब भी सामने आना चाहिए।
अब देखने वाली बात होगी कि वायरल वीडियो पर SECL कुसमुंडा प्रबंधन क्या संज्ञान लेता है और संबंधित व्यक्ति के पद, अधिकार तथा दस्तावेजों पर किए गए सील-साइन को लेकर क्या आधिकारिक स्पष्टीकरण देता है।

