--:--
Home Uncategorized Korba ///कोरबा कलेक्टर का आदेश का खुला उलंघन, गाय के गले और सींग मे नहीं लगे पट्टी,  CMO नहीं ध्यान दे रहे है  मवेशी रोड पर हो रही दुर्घटनाएं

Korba ///कोरबा कलेक्टर का आदेश का खुला उलंघन, गाय के गले और सींग मे नहीं लगे पट्टी,  CMO नहीं ध्यान दे रहे है  मवेशी रोड पर हो रही दुर्घटनाएं

by shriwashkchandra@gmail.com
20 views


कोरबा ///कलेक्टर कुणाल दुदावत ने 28 जुलाई की समय-सीमा (टीएल) की बैठक लेकर विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं एवं विभागीय कार्यों की समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने टीएल के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने प्रमुख सड़कों पर आवारा मवेशियों के विचरण एवं जमावड़े पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (सीएमओ) को धरपकड़ अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर मवेशियों के जमावड़े से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए मवेशियों को पकड़कर उनके संबंधित मालिकों पर जुर्माना अधिरोपित करने के बाद ही पशुओं को छोड़ा जाए। इसके साथ ही कलेक्टर ने पशुधन विकास विभाग को पशुओं के सींग एवं गले में रेडियम पट्टी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने गौधाम योजना की समीक्षा करते हुए इसके संचालन में आ रही समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने को कहा।
जिले की सड़कों पर खुलेआम घूम रहे मवेशी अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई प्रमुख सड़कों पर मवेशियों का झुंड नजर आ रहा है। सड़क के बीचों-बीच बैठे या अचानक वाहन के सामने आ जाने वाले मवेशियों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में मवेशियों को पकड़ने तथा उनके मालिकों पर जुर्माना लगाने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? जिले के विभिन्न नगरीय निकायों के CMO द्वारा मवेशियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। यदि सड़क पर मवेशियों के कारण हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी तय करने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

बताया जा रहा है कि कोरबा कलेक्टर ने पशुधन विभाग को मवेशियों के गले और सींग में रेडियम पट्टी लगाने के निर्देश दिए थे, ताकि रात के समय वाहन चालकों को सड़क पर मौजूद मवेशी दूर से दिखाई दे सकें। लेकिन जमीनी स्तर पर इन निर्देशों का कितना पालन हो रहा है, यह अपने आप में बड़ा सवाल है।

हाल ही में भवानी मंदिर के पास हुए सड़क हादसे में मवेशियों की मौत की घटना ने इस समस्या की गंभीरता को सामने ला दिया। सड़क पर मौजूद मवेशियों के कारण न केवल बेजुबान जानवरों की जान खतरे में है, बल्कि वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

नगर निकायों के पास मवेशियों को पकड़ने, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखने और उनके मालिकों से निर्धारित जुर्माना वसूलने की व्यवस्था है। इसके बावजूद यदि मवेशी लगातार सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं तो फिर कार्रवाई में कमी कहां है? क्या जिम्मेदार अधिकारी नियमित अभियान नहीं चला रहे हैं या फिर मवेशी मालिकों पर कार्रवाई करने में लापरवाही बरती जा रही है?

शहर में आवारा मवेशियों की समस्या नई नहीं है। कई बार स्थानीय लोगों और वाहन चालकों द्वारा इसकी शिकायत की जाती रही है। दिन के समय तो किसी तरह मवेशी दिखाई दे जाते हैं, लेकिन रात के समय अंधेरे में सड़क पर बैठे मवेशी वाहन चालकों के लिए अचानक सामने आने वाला खतरा बन जाते हैं।

अब सवाल सीधे तौर पर जिम्मेदार विभाग और नगर निकायों से है—
अगर कलेक्टर के निर्देश के बावजूद मवेशियों के गले और सींग में रेडियम पट्टी नहीं लगाई जा रही है, सड़क से मवेशियों को हटाने के लिए नियमित अभियान नहीं चल रहा है और मालिकों से जुर्माना नहीं वसूला जा रहा है, तो आखिर इसकी जवाबदेही किसकी तय होगी?

जरूरत है कि जिले के सभी नगरीय निकाय अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाएं, सड़क पर घूम रहे मवेशियों को सुरक्षित तरीके से हटाएं, पशु मालिकों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करें और कलेक्टर के निर्देश के अनुरूप मवेशियों पर रेडियम पट्टी लगाने का कार्य तेजी से पूरा करें।

क्योंकि सड़क पर एक मवेशी की मौजूदगी सिर्फ यातायात की समस्या नहीं, बल्कि इंसान और बेजुबान दोनों की जिंदगी से जुड़ा गंभीर मामला है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या पर कब तक ठोस कार्रवाई करता है और हादसों के बाद जिम्मेदारी तय करने के बजाय हादसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

You may also like

Contact Us

chandra kumar shriwas

संपादक – चन्द्र कुमार श्रीवास

संपर्क – 6261299296

ईमेल -shriwaskchandra@gmail.com

पता – बांकी मोंगरा, कोरबा, छत्तीसगढ़

Udhyam No : UDYAM-CG-10-0033758

Important Links

All Rights Reserved © 2026 Manas News Chhattisgarh