
कोरबा/बांकी मोंगरा। बांकी मोंगरा नगर पालिका परिषद में वार्डों के विकास कार्यों को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। नगर पालिका की पीआईसी सदस्य एवं वार्ड पार्षद अमिला पटेल ने परिषद पर गंभीर भेदभाव के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वार्ड क्रमांक 18 से 30 तक विकास कार्यों में अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
अमिला पटेल के अनुसार इन वार्डों में स्ट्रीट लाइट, सड़क, बिजली, नाली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। आरोप है कि कई बार समस्याओं की जानकारी देने के बावजूद उनके निराकरण को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
कुशमुंडा क्षेत्र में पानी की समस्या का आरोप
पीआईसी सदस्य ने विशेष रूप से कुशमुंडा क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में लोगों के लिए टेप नल ही पानी का प्रमुख साधन है, लेकिन उसमें भी नियमित रूप से पानी की समस्या बनी रहती है। इससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
23 अगस्त तक जांच और पीआईसी बैठक की मांग
अमिला पटेल ने नगर पालिका परिषद से पूरे मामले की 23 अगस्त तक जांच कर उचित निर्णय लेने की मांग की है। साथ ही उन्होंने पीआईसी की बैठक आयोजित करने की भी मांग रखी है। उनका आरोप है कि यदि निर्धारित समय तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगी।
24 अगस्त को घेराव और तालाबंदी की चेतावनी
अमिला पटेल ने चेतावनी दी है कि यदि 23 अगस्त तक जांच नहीं होती, उचित निर्णय नहीं लिया जाता और पीआईसी की बैठक नहीं बुलाई जाती, तो 24 अगस्त को बांकी मोंगरा नगर पालिका परिषद कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इसके साथ ही तालाबंदी किए जाने की भी चेतावनी दी गई है।
इस मामले को लेकर अब नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, लगाए गए आरोपों पर नगर पालिका परिषद के अधिकारियों और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। परिषद की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
अब देखने वाली बात होगी कि 23 अगस्त तक नगर पालिका प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और क्या पीआईसी की बैठक बुलाकर वार्डों की समस्याओं के समाधान को लेकर कोई ठोस निर्णय लिया जाता है।

