
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की नियुक्ति में नियमों की अनदेखी का आरोप, JCB सहित भारी वाहनों के चालकों के लाइसेंस की जांच की मांग
कोरबा/बांकी मोंगरा। बांकी मोंगरा नगर पालिका परिषद में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों से काम लिए जाने को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, नगर पालिका में वाहन संचालन का कार्य करने वाले कुछ कर्मचारियों के पास भारी वाहन चलाने के लिए आवश्यक हैवी ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होने की बात सामने आ रही है।
सूत्रों की मानें तो नगर पालिका में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत एक ड्राइवर के पास कथित तौर पर हैवी लाइसेंस नहीं है। वहीं, नगर पालिका में JCB सहित अन्य भारी वाहनों का संचालन करने वाले कुछ चालकों के पास केवल लाइट मोटर व्हीकल (LMV) लाइसेंस होने की भी चर्चा है। यदि यह जानकारी सही है तो यह सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अम्बे इंडस्ट्रीज फर्म को मिला है ठेका
जानकारी के अनुसार, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की व्यवस्था के लिए अम्बे इंडस्ट्रीज फर्म को ठेका दिया गया है। इसी व्यवस्था के तहत नगर पालिका में विभिन्न कार्यों के लिए कर्मचारियों की सेवाएं ली जा रही हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि भारी वाहनों के संचालन के लिए नियुक्त चालकों के दस्तावेज और ड्राइविंग लाइसेंस की जांच किस स्तर पर की गई है।
हादसा होने पर कौन होगा जिम्मेदार?
नगर पालिका क्षेत्र में JCB और अन्य भारी वाहनों का इस्तेमाल विभिन्न निर्माण एवं सफाई कार्यों में किया जाता है। ऐसे में यदि किसी भारी वाहन का संचालन ऐसे व्यक्ति से कराया जा रहा है, जिसके पास संबंधित श्रेणी का वैध लाइसेंस नहीं है, तो किसी दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी को लेकर भी गंभीर प्रश्न खड़े हो सकते हैं।
स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि नगर पालिका परिषद द्वारा सभी दैनिक वेतनभोगी वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन श्रेणी और नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों की जांच कराई जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि JCB एवं अन्य भारी वाहनों के संचालन के लिए संबंधित चालकों के पास नियमानुसार वैध लाइसेंस है या नहीं।
जांच के बाद ही स्थिति होगी स्पष्ट
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। नगर पालिका परिषद और संबंधित ठेका फर्म की ओर से इस मामले में आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जरूरत होगी।
अब देखने वाली बात होगी कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी बांकी मोंगरा नगर पालिका परिषद इस पूरे मामले की जांच कराकर वाहन चालकों के लाइसेंस और नियुक्ति प्रक्रिया को सार्वजनिक करती है या नहीं।

