
भवानी हार्डवेयर जमनीपाली के संचालक यश अग्रवाल पर शिवा कंवर ने लगाए गंभीर आरोप, एसपी कार्यालय में दी लिखित शिकायत
कोरबा। जमनीपाली क्षेत्र में ट्रैक्टर को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। भवानी हार्डवेयर, जमनीपाली के संचालक यश अग्रवाल पर शिवा कंवर ने उसके स्वामित्व वाले ट्रैक्टर को कथित तौर पर जबरन अपने कब्जे में लेने और रकम देने के बाद भी ट्रैक्टर वापस नहीं करने का आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि उसका ट्रैक्टर करीब दस महीने से यश अग्रवाल के कब्जे में है।
बालू के भुगतान को लेकर शुरू हुआ विवाद
शिवा कंवर के अनुसार, बालू गिराने के एवज में उसे करीब एक लाख रुपये दिए गए थे। पीड़ित का कहना है कि वह अब तक लगभग 60 हजार रुपये की बालू का भुगतान कर चुका है। इसके बावजूद रकम को लेकर विवाद बना रहा।
पीड़ित का आरोप है कि इसी विवाद के बीच यश अग्रवाल उसके घर पहुंचे और उसके स्वामित्व वाले ट्रैक्टर को कथित रूप से बलपूर्वक घर से ले गए। शिवा कंवर के अनुसार, उस समय उससे कहा गया कि बाकी रकम देने के बाद वह अपना ट्रैक्टर वापस ले सकता है।
20 हजार रुपये लेकर पहुंचा, फिर भी नहीं मिला ट्रैक्टर
पीड़ित का कहना है कि ट्रैक्टर वापस लेने के लिए उसने 20 हजार रुपये कर्ज लेकर यश अग्रवाल से फोन पर संपर्क किया। शिवा कंवर के मुताबिक, फोन पर उसे 20 हजार रुपये लेकर आने और उसके बाद ट्रैक्टर ले जाने की बात कही गई।
आरोप है कि शिवा कंवर 20 हजार रुपये लेकर पहुंचा और रकम देने के बावजूद उसे उसका ट्रैक्टर वापस नहीं दिया गया। पीड़ित का दावा है कि इसके बाद भी ट्रैक्टर यश अग्रवाल के कब्जे में ही रहा।
एसपी कार्यालय पहुंचा पीड़ित
लगभग दस महीने से ट्रैक्टर वापस नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए शिवा कंवर ने अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दी है। शिकायत में पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए पुलिस से मामले की जांच करने और उसका ट्रैक्टर वापस दिलाने की मांग की है।
पीड़ित शिवा कंवर ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाते हुए कहा कि उसने अपनी क्षमता के अनुसार रकम का भुगतान किया है, यहां तक कि ट्रैक्टर वापस लेने के लिए कर्ज लेकर 20 हजार रुपये भी दिए, लेकिन इसके बाद भी उसे ट्रैक्टर नहीं मिला।
अब जांच पर टिकी नजर
फिलहाल इस मामले में पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यश अग्रवाल का पक्ष इस संबंध में सामने नहीं आया है। उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में प्रमुखता से शामिल किया जाना आवश्यक होगा।
अब देखना होगा कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दी गई शिकायत पर पुलिस क्या जांच करती है और करीब दस महीने से ट्रैक्टर को लेकर चल रहे इस विवाद में आगे क्या कार्रवाई होती है।

