
बांकी मोंगरा। SECL कॉलोनी में लंबे समय से सफाई व्यवस्था और जल निकासी की समस्या से परेशान रहवासियों के बीच अब यह सवाल उठने लगा है कि आखिर उन्हें बदबूदार नालियों और सड़कों पर बहते गंदे पानी से कब निजात मिलेगी। कॉलोनी के कई हिस्सों में नालियां बजबजाती नजर आ रही हैं, वहीं नियमित रूप से कचरा उठाव नहीं होने से जगह-जगह गंदगी का आलम बना हुआ है।

रहवासियों का कहना है कि नाली जाम होने के कारण गंदा और बदबूदार पानी सड़कों पर बहता रहता है। इससे आने-जाने वाले लोगों, बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश या नाली जाम होने की स्थिति में समस्या और बढ़ जाती है।
HMS को मिला 60, अब जिम्मेदारी किसकी?
SECL से जुड़े श्रमिक संगठन HMS को 60 का समर्थन मिलने के बाद अब कॉलोनीवासियों के बीच यह चर्चा भी है कि क्या ट्रेड यूनियन के नेता स्थानीय समस्याओं को लेकर सक्रिय भूमिका निभाएंगे? लोगों का सवाल है कि यदि श्रमिकों और कर्मचारियों से जुड़े संगठन अपने स्तर पर आवाज उठा सकते हैं, तो कॉलोनी की बुनियादी समस्याओं—सफाई, नाली और कचरा उठाव—को लेकर भी ठोस पहल क्यों नहीं दिखाई दे रही?
रहवासियों का कहना है कि सिर्फ चुनावी समय में सक्रियता दिखाने के बजाय नियमित रूप से कॉलोनी की समस्याओं को SECL प्रबंधन के सामने उठाने और उनके समाधान की निगरानी करने की जरूरत है।
नालियां बजबजा रही हैं, कचरा भी नियमित नहीं उठ रहा
कॉलोनी में कई स्थानों पर नालियों की सफाई नहीं होने से गंदगी जमा होने की शिकायत है। वहीं नियमित कचरा उठाव नहीं होने के कारण भी समस्या बढ़ रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित SECL अधिकारियों की निगरानी कौन कर रहा है?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि समस्या सामने होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। वहीं ट्रेड यूनियन नेताओं से भी सवाल किया जा रहा है कि वे इन समस्याओं को लेकर क्या कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं।
चापलूसी नहीं, समाधान की मांग
कॉलोनीवासियों के बीच यह भी चर्चा है कि ट्रेड यूनियन नेताओं को SECL अधिकारियों के साथ औपचारिक मुलाकातों तक सीमित रहने के बजाय जमीनी समस्याओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। लोगों का कहना है कि उन्हें अधिकारियों की चापलूसी नहीं, बल्कि साफ नालियां, नियमित कचरा उठाव और साफ-सुथरा आवासीय वातावरण चाहिए।
अब देखना होगा कि HMS समेत अन्य ट्रेड यूनियन संगठन और SECL प्रबंधन इस समस्या को लेकर क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल सवाल यही है—क्या बांकी मोंगरा SECL कॉलोनी के रहवासियों को बदबूदार नालियों और सड़कों पर बहते गंदे पानी से जल्द राहत मिलेगी, या फिर समस्या यूं ही बनी रहेगी?

