
बांकी मोंगरा। कोरबा जिले के बांकी मोंगरा क्षेत्र के शुक्लाखार में सड़क हादसे में तीन गौवंश की मौत का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से तीन मवेशियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद क्षेत्र में गौसेवकों को इसकी सूचना दी गई।
शुक्लाखार क्षेत्र में सड़क पर मवेशियों की मौजूदगी और वाहनों की तेज रफ्तार लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। सड़क पर बैठे या घूमते मवेशी जहां खुद हादसे का शिकार हो रहे हैं, वहीं वाहन चालकों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ताजा घटना ने एक बार फिर सड़क पर गौवंश की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कलेक्टर के निर्देश के बावजूद स्थिति जस की तस
गौरतलब है कि कोरबा कलेक्टर द्वारा नगरीय निकायों के CMO और ग्राम पंचायतों के सरपंचों को सड़कों पर मवेशियों की मौजूदगी रोकने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर बड़ी संख्या में मवेशी दिखाई दे रहे हैं।
ऐसे में शुक्लाखार में तीन गौवंश की मौत की घटना को प्रशासनिक निर्देशों के पालन को लेकर गंभीर सवाल के तौर पर देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारियों और पंचायत स्तर के अमले द्वारा सड़क पर घूमने वाले मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए प्रभावी कार्रवाई कब की जाएगी?
आखिर कब थमेगा सिलसिला?
एक के बाद एक सड़क हादसों में गौवंश की मौत के बाद अब लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय लोगों और गौसेवकों की मांग है कि प्रशासन केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ही प्रभावी व्यवस्था बनाए। सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित गौशाला अथवा निर्धारित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाए, साथ ही तेज रफ्तार वाहनों पर भी निगरानी रखी जाए।
शुक्लाखार की घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब प्रशासन के स्तर पर सड़कों से मवेशियों को हटाने के निर्देश दिए जा चुके हैं, तो फिर इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर पालन क्यों नहीं हो रहा है? तीन गौवंश की मौत ने जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

