
बांकी मोंगरा। बांकी मोंगरा-सूराकछार क्षेत्र की SECL कॉलोनी में इन दिनों नाली का गंदा पानी रहवासियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। कॉलोनी के बीच से बह रहे गंदे पानी के कारण लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों, मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाले लोगों और शुभ कार्यों के लिए आने-जाने वाले रहवासियों को हो रही है।
रहवासियों का कहना है कि नाली की नियमित सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़क और आवागमन वाले रास्ते पर बह रहा है। लोगों को मजबूरी में इसी गंदे पानी को पार करके आगे जाना पड़ रहा है। छोटे-छोटे स्कूली बच्चे भी इसी रास्ते से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि यदि SECL कॉलोनी में सफाई व्यवस्था के लिए ठेका दिया गया है, तो आखिर उसकी निगरानी कौन कर रहा है?
ठेकेदार को काम की खुली छूट देने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था का ठेका लेने वाले ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर SECL के संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रभावी निगरानी नहीं की जा रही है। लोगों का कहना है कि ठेकेदार नियमित रूप से काम करे या नहीं, इसका खामियाजा कॉलोनी में रहने वाले परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।
रहवासियों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है। यदि सफाई कार्य के लिए भुगतान किया जा रहा है, तो मौके पर नियमित सफाई क्यों नहीं हो रही? क्या ठेकेदार के कार्यों की जांच और मॉनिटरिंग की जा रही है? इन सवालों का जवाब SECL प्रबंधन को देना चाहिए।
अधिकारी क्या सिर्फ तमाशबीन बने रहेंगे?
कॉलोनी के रहवासियों का कहना है कि समस्या कोई एक दिन की नहीं है। नाली का गंदा पानी लोगों के आवागमन के रास्ते तक पहुंच रहा है, बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।
लोगों में सवाल है कि क्या अधिकारियों को यह गंदगी दिखाई नहीं देती? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को मौके का निरीक्षण करने की जरूरत नहीं है? आखिर कब तक कॉलोनी के लोग इस तरह की अव्यवस्था झेलते रहेंगे?
चारों ट्रेड यूनियनों के नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल
SECL कर्मचारियों और उनके परिवारों की समस्याओं को लेकर आवाज उठाने वाले ट्रेड यूनियन नेताओं की भूमिका पर भी अब सवाल उठ रहे हैं। रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी में रोजाना लोग परेशान हो रहे हैं, स्कूली बच्चों को परेशानी हो रही है, लेकिन इसके बावजूद चारों ट्रेड यूनियनों के नेता इस समस्या को लेकर मुखर नजर नहीं आ रहे हैं।
लोगों का कहना है कि यूनियन नेताओं को कर्मचारियों और उनके परिवारों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को प्रबंधन के सामने मजबूती से उठाना चाहिए।
अब सवाल—कब होगी नाली की सफाई?
बांकी मोंगरा-सूराकछार SECL कॉलोनी के रहवासी अब प्रबंधन से तत्काल नाली की सफाई कराने, गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने और सफाई ठेकेदार के काम की जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
रहवासियों का कहना है कि सफाई के नाम पर ठेका देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीन पर काम दिखाई देना चाहिए। SECL प्रबंधन यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं करता है, तो आने वाले दिनों में रहवासियों में आक्रोश और बढ़ सकता है।
अब देखना होगा कि SECL बांकी मोंगरा-सूराकछार के जिम्मेदार अधिकारी इस गंदगी से कब तक आंखें मूंदे रहते हैं और सफाई ठेकेदार पर क्या कार्रवाई करते हैं।
