
कटघोरा। कटघोरा थाना क्षेत्र में एक वाहन चालक ने ट्रैक्टर मालिक एवं पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। चालक का आरोप है कि उसे जबरन बंधक बनाकर रखा गया, उसके वाहन की चाबी, दस्तावेज एवं निजी सामान कब्जे में ले लिया गया और शिकायत करने के बावजूद उसे समय पर न्याय नहीं मिला।
पीड़ित वाहन चालक के अनुसार, ट्रैक्टर मालिक उसे अपने घर ले गया, जहां कथित रूप से वाहन की चाबी छीन ली गई तथा वाहन से संबंधित सभी दस्तावेज और अन्य सामान अपने कब्जे में रख लिए गए। चालक का कहना है कि उसे लगभग दो दिनों तक अवैध रूप से घर पर रोककर रखा गया।
शिकायत के अनुसार, 31 जुलाई 2026 को उसे कटघोरा थाना लाया गया, लेकिन इसके बाद भी 3 अगस्त 2026 तक वाहन को बिना किसी प्रभावी वैधानिक कार्रवाई के खड़ा रखा गया। चालक का दावा है कि वाहन थाना परिसर में भी नहीं रखा गया था, बल्कि अन्य स्थान पर खड़ा कराया गया।
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपनी शिकायत दर्ज करानी चाही तो थाना स्टाफ ने कहा कि “ट्रैक्टर मालिक पहले शिकायत लेकर आया है, इसलिए पहले उसकी बात सुनी जाएगी, तुम्हारी नहीं।” इस कथित व्यवहार से आहत होकर चालक ने पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
मामले को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि बिना वैधानिक कार्रवाई के वाहन को कई दिनों तक रोका गया और कथित अवैध वसूली जैसी घटनाएं हुईं, तो क्या यह सब थाना प्रभारी की जानकारी के बिना संभव है? वहीं, कुछ सूत्रों का दावा है कि ऐसे मामलों में अक्सर निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई कर मामले को शांत कर दिया जाता है, जबकि जिम्मेदार अधिकारियों तक कार्रवाई नहीं पहुंचती। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
कटघोरा थाना से संतोषजनक कार्रवाई नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए पीड़ित वाहन चालक ने जिला पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा उसे न्याय दिलाने की मांग की है।
अब इस मामले में सभी की निगाहें जिला पुलिस अधीक्षक की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला पुलिस की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है। वहीं, पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
(नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। पुलिस का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
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