
कटघोरा थाना के दो आरक्षकों पर रिश्वत मांगने का आरोप, पीड़ित ने एसपी से की शिकायत
कटघोरा (कोरबा)। कटघोरा थाना में पदस्थ दो आरक्षकों पर एक युवक से कथित रूप से रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित आर्यन ध्रुव ने इस मामले की शिकायत कोरबा पुलिस अधीक्षक से करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, आर्यन ध्रुव के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है और वह रोजी-मजदूरी कर अपना जीवनयापन करता है। आर्यन का कहना है कि वह अपने दोस्त के जन्मदिन के अवसर पर अपने गांव राजकम्मा जा रहा था। उसके पास लगभग आठ पाव शराब थी। आरोप है कि कसनिया शराब भट्ठी के पास उसकी बाइक रोककर चाबी निकाल ली गई और उसे कटघोरा थाना ले जाया गया।
पीड़ित का आरोप है कि उसे करीब 40 मिनट तक थाना परिसर में वाहन के भीतर बैठाकर रखा गया। इस दौरान कटघोरा थाना में पदस्थ आरक्षक प्रदीप राठौर और रामधन पटेल ने कथित रूप से कहा कि यदि एक लाख रुपये नहीं दिए गए तो उसे जेल भेज दिया जाएगा।
शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि जब परिजनों ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तब एक आरक्षक ने कथित तौर पर कहा कि वह “टीआई साहब से बात करके आता हूं कि कितने में मानते हैं।” इसके बाद वापस आकर कथित रूप से बताया गया कि “टीआई साहब 40 हजार रुपये मांग रहे हैं।” बाद में 30 हजार रुपये में कथित सहमति बनने की बात कही गई।
पीड़ित का आरोप है कि उसी रात लगभग 12 बजे 20 हजार रुपये दे दिए गए, जबकि शेष 10 हजार रुपये बाद में देने पर बाइक छोड़ने की बात कही गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद उसने कोरबा पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत कर न्याय की मांग की है।
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि दोनों आरक्षक थाना स्तर पर लायजनिंग का कार्य करते हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
अब इस मामले में सभी की नजर कोरबा पुलिस अधीक्षक की कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई हो सकती है। वहीं, यदि जांच में आरोप असत्य पाए जाते हैं तो स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
(नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या पुलिस विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर समाचार को अद्यतन किया जाएगा।)

