कोरबा/कुसमुंडा। कुसमुंडा SECL क्षेत्र में नियोजित ठेका कंपनी KNR में भर्ती को लेकर विवाद एक बार फिर सामने आया है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक नए वीडियो में खोड़री सरपंच पति कथित तौर पर भर्ती प्रक्रिया को लेकर ठेका कंपनी के प्रतिनिधि को निर्देश देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में उनके द्वारा बाहरी लोगों की भर्ती और बिना पर्ची-पट्टे के भर्ती किए जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
वीडियो में सरपंच पति कथित तौर पर यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि “जितना मैं बाहरी आदमी के लिए सील मारा हूं, उतना कोई नहीं किया है।” इसके बाद वे कुसमुंडा क्षेत्र की नियोजित ठेका कंपनी के श्रीवास जी को भर्ती बंद करने की बात कहते हुए नजर आते हैं। साथ ही कथित रूप से यह भी कहा जा रहा है कि “मैं बोलूंगा तब लेना” और बिना पर्ची-पट्टे के भर्ती कैसे ली जा रही है, बाहरी लोगों को भर्ती क्यों किया जा रहा है।
नियोजित ठेका कम्पनी भर्ती प्रक्रिया पर उठ रहे गंभीर सवाल
वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि एक ग्राम पंचायत के सरपंच पति को SECL की ठेका कंपनी में भर्ती प्रक्रिया को रोकने या शुरू कराने का अधिकार किस हैसियत से प्राप्त है? क्या वे SECL अथवा ठेका कंपनी में किसी अधिकृत पद पर हैं? यदि नहीं, तो कंपनी के अधिकारियों को फोन पर इस तरह निर्देश देने की स्थिति कैसे बनी?
वहीं स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि क्षेत्र में रोजगार को लेकर लंबे समय से स्थानीय बनाम बाहरी उम्मीदवारों का मुद्दा उठता रहा है। ऐसे में यदि किसी ठेका कंपनी में भर्ती हो रही है, तो भर्ती के नियम, पात्रता, स्थानीयता संबंधी प्रावधान और संबंधित दस्तावेजों की जांच किस अधिकारी की जिम्मेदारी है, यह स्पष्ट होना जरूरी है।
SECL के अधिकारियों की चुप्पी पर भी सवाल
वीडियो सामने आने के बाद SECL के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति कंपनी की भर्ती प्रक्रिया में हस्तक्षेप करते हुए दिखाई दे रहा है, तो क्या SECL प्रबंधन ने इस मामले की जानकारी ली है? क्या संबंधित व्यक्ति को कंपनी की ओर से कोई अधिकृत जिम्मेदारी दी गई है? और यदि नहीं, तो भर्ती प्रक्रिया को लेकर बाहरी व्यक्ति द्वारा दिए जा रहे निर्देशों पर प्रबंधन की क्या कार्रवाई होगी?
फिलहाल वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और वीडियो में कही गई बातों की आधिकारिक पुष्टि भी सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अब सवाल यह है कि कुसमुंडा SECL में भर्ती प्रक्रिया वास्तव में किन नियमों के तहत चल रही है और खोड़री सरपंच पति को ठेका कंपनी की भर्ती में निर्देश देने का अधिकार आखिर किस आधार पर मिला? स्थानीय लोगों की नजर अब SECL प्रबंधन की आधिकारिक प्रतिक्रिया और कार्रवाई पर है।

