
पासान। क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग बिना किसी पूर्व सूचना के दिन और रात में कई बार बिजली आपूर्ति बंद कर देता है। इससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली कटौती का कोई निश्चित समय नहीं है। विभाग जब चाहे तब बिजली आपूर्ति बंद कर देता है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इन दिनों परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को रात में पर्याप्त रोशनी नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है।
अघोषित बिजली कटौती का सबसे अधिक असर बीमार और बुजुर्ग लोगों पर पड़ रहा है। बिजली नहीं रहने से पंखे, कूलर और अन्य आवश्यक उपकरण बंद हो जाते हैं, जिससे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार आवश्यक उपचार और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं भी प्रभावित होती हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली नहीं रहने से ऑनलाइन सेवाएं, बैंकिंग कार्य, शासकीय कार्यालयों का कामकाज तथा अन्य आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। इंटरनेट और संचार व्यवस्था बाधित होने से लोगों को अपने दैनिक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
रात्रि के समय अंधेरा छा जाने से ग्रामीणों में सर्पदंश और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ जाता है। कई गांवों में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग रात में घरों से निकलने में डर महसूस करते हैं। विशेषकर बारिश के मौसम में यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा यदि किसी तकनीकी कारण से बिजली बंद करनी हो तो पहले से सूचना दी जाए। साथ ही नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने के साथ-साथ जनआंदोलन करने के लिए भी मजबूर होंगे।

