
कोरबा। समाजसेवा का उद्देश्य केवल जरूरतमंदों की मदद करना ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना, लोगों को एकजुट करना और राष्ट्रहित के कार्यों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करना भी है। इसी सोच के साथ अशोक मोदी सामाजिक, संगठनात्मक एवं जनहित से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। समाज और संगठन के प्रति उनकी सक्रियता उन्हें एक जिम्मेदार सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पहचान दिला रही है।
अशोक मोदी का मानना है कि किसी भी मजबूत समाज की नींव आपसी सहयोग, एकता, अनुशासन और सामाजिक समरसता पर टिकी होती है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार सामाजिक कार्यों में योगदान देना चाहिए। इसी उद्देश्य को लेकर वे विभिन्न सामाजिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों में सहभागिता निभाते हुए लोगों को जोड़ने और सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।
संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता
संगठन किसी भी सामाजिक और राष्ट्रीय उद्देश्य को धरातल पर उतारने का महत्वपूर्ण माध्यम होता है। अशोक मोदी संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहकर कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय, आपसी संवाद और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने की दिशा में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। उनका प्रयास रहता है कि संगठन के उद्देश्यों और विचारों को समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए तथा जनहित से जुड़े विषयों पर सकारात्मक पहल की जाए।
समाजसेवा को मानते हैं सामाजिक जिम्मेदारी
अशोक मोदी के अनुसार समाजसेवा किसी पद या प्रतिष्ठा की मोहताज नहीं होती, बल्कि यह व्यक्ति की सोच और जिम्मेदारी की भावना से जुड़ी होती है। समाज में जरूरतमंदों की सहायता, सामाजिक जागरूकता, आपसी भाईचारे और एकता को बढ़ावा देना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उनका मानना है कि छोटे-छोटे प्रयास भी सामूहिक रूप से बड़े सामाजिक परिवर्तन का आधार बन सकते हैं।
राष्ट्रहित और सामाजिक समरसता पर जोर
राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए अशोक मोदी सामाजिक एकता, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध को महत्वपूर्ण मानते हैं। उनका कहना है कि देश की मजबूती केवल विकास कार्यों से नहीं, बल्कि जागरूक, जिम्मेदार और संगठित नागरिकों की सहभागिता से भी सुनिश्चित होती है।
कुल मिलाकर, अशोक मोदी की सामाजिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। समाजसेवा, संगठनात्मक एकजुटता और राष्ट्रहित के उद्देश्यों को केंद्र में रखकर वे अपनी भूमिका निभा रहे हैं। उनका प्रयास है कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाया जाए और समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो।
