कोरबा। शहर के प्रतिष्ठित पालम मॉल स्थित रिलायंस जियो मार्ट में ग्राहकों के साथ कथित तौर पर अधिक कीमत वसूलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्टोर के डिस्प्ले बोर्ड पर रसोई से संबंधित सामानों की कीमत कम प्रदर्शित की गई, लेकिन जब ग्राहक सामान लेकर कैश काउंटर पर पहुंचे तो उनसे प्रदर्शित कीमत से अधिक रकम वसूली गई। इस घटना ने रिलायंस जियो मार्ट की कार्यप्रणाली और ग्राहकों के साथ होने वाले व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, पालम मॉल स्थित रिलायंस जियो मार्ट में खरीदारी करने पहुंचे एक ग्राहक ने रसोई से संबंधित सामानों की खरीदारी की। स्टोर में लगे डिस्प्ले बोर्ड पर संबंधित सामान की कीमत कम दिखाई गई थी। ग्राहक ने उसी प्रदर्शित कीमत के आधार पर सामान का चयन किया, लेकिन बिलिंग काउंटर पर पहुंचने के बाद उनसे अधिक राशि मांगी गई। शुरुआत में ग्राहक को कीमतों में अंतर का अंदाजा नहीं हुआ, लेकिन जब उन्होंने बिल और डिस्प्ले बोर्ड पर लिखी कीमत का मिलान किया तो कथित गड़बड़ी सामने आई।
गलती पकड़ने पर ग्राहक से दुर्व्यवहार का आरोप
ग्राहक ने जब इस मूल्य अंतर को लेकर स्टोर प्रबंधन से सवाल किया और आपत्ति जताई तो आरोप है कि उनके साथ उचित व्यवहार करने के बजाय दुर्व्यवहार किया गया। ग्राहक का कहना है कि एक प्रतिष्ठित ब्रांड के स्टोर में पारदर्शिता और बेहतर ग्राहक सेवा की उम्मीद लेकर लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं, लेकिन यहां कीमतों को लेकर ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा।

प्रबंधक ने स्वीकार की गलती, रकम लौटाकर मामला शांत कराने का प्रयास?
मामले के सामने आने के बाद स्टोर प्रबंधक द्वारा अपनी गलती स्वीकार करते हुए ग्राहक को अतिरिक्त वसूली गई रकम वापस किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, सवाल यह है कि यदि ग्राहक स्वयं कीमतों में अंतर नहीं पकड़ पाता तो क्या उससे अधिक राशि वसूलने का सिलसिला जारी रहता? क्या स्टोर में प्रदर्शित कीमत और बिलिंग सिस्टम की कीमतों का नियमित मिलान नहीं किया जाता? और यदि गलती पकड़ी गई तो ग्राहक के साथ कथित दुर्व्यवहार क्यों किया गया?
ऊंची दुकान और फीके पकवान वाली कहावत चरितार्थ!
रिलायंस जियो मार्ट जैसे बड़े ब्रांड के स्टोर से ग्राहक बेहतर व्यवस्था, सही कीमत और पारदर्शी कारोबार की उम्मीद करते हैं। लेकिन पालम मॉल के इस मामले ने ग्राहकों के भरोसे को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर डिस्प्ले बोर्ड पर कम कीमत दिखाकर बिलिंग के समय अधिक रकम वसूलने की नौबत क्यों आई? क्या यह महज तकनीकी या मूल्य अपडेट की गलती थी अथवा स्टोर प्रबंधन की लापरवाही?
फिलहाल इस घटना ने उपभोक्ता अधिकारों और बड़े प्रतिष्ठानों की जवाबदेही को लेकर चर्चा छेड़ दी है। जरूरत है कि संबंधित प्रबंधन मामले की निष्पक्ष जांच कराए, डिस्प्ले और बिलिंग में मूल्य संबंधी विसंगतियों को दूर करे तथा यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में किसी अन्य ग्राहक को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
ग्राहकों के लिए भी जरूरी है कि खरीदारी के बाद बिल में दर्ज कीमतों का मिलान डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदर्शित कीमतों से अवश्य करें, ताकि किसी भी तरह की अनुचित वसूली होने पर तत्काल आपत्ति दर्ज कराई जा सके।

