
बोले—लोगों की गाड़ियां खराब हो रही हैं, आम जनता का पैसा हो रहा बर्बाद
कोरबा। पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लेकर पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के कारण आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों की गाड़ियों में खराबी की शिकायतें सामने आ रही हैं और इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि एक समय छत्तीसगढ़ में भी एथेनॉल को लेकर इसी तरह की बातें कही गई थीं। उन्होंने सरकार की नीतियों पर तंज कसते हुए कहा कि अब स्थिति ऐसी बन गई है कि डीजल-पेट्रोल खड़ी से नहीं, बल्कि बाड़ी से आएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की नीतियों को लागू करने से पहले आम जनता और वाहन मालिकों पर पड़ने वाले प्रभाव को गंभीरता से समझना जरूरी है।
पूर्व राजस्व मंत्री ने कहा कि पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ने से यदि वाहनों में तकनीकी समस्याएं आती हैं तो उसका आर्थिक बोझ आखिरकार आम उपभोक्ता को ही उठाना पड़ता है। वाहन खराब होने पर मरम्मत का खर्च बढ़ता है और लोगों को अतिरिक्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि आम जनता पहले ही महंगाई और बढ़ते खर्च से परेशान है। ऐसे में यदि गाड़ियों में खराबी के कारण बार-बार पैसा खर्च करना पड़े तो यह लोगों के लिए दोहरी मार है। उन्होंने सरकार से इस विषय पर स्पष्ट नीति बनाने और उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
नितिन गडकरी को बताया सुलझा हुआ नेता
जयसिंह अग्रवाल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को सुलझा हुआ नेता बताते हुए कहा कि वे विषयों को समझने वाले और व्यावहारिक सोच रखने वाले नेता हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि गाड़ियों और ईंधन से जुड़े इस विषय पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यदि किसी नीति के कारण लोगों की गाड़ियां खराब हो रही हैं और उन्हें अपनी जेब से मरम्मत का खर्च उठाना पड़ रहा है, तो सरकार को इसकी जिम्मेदारी तय करते हुए समाधान निकालना चाहिए।
आम जनता के हित में समीक्षा की मांग
पूर्व राजस्व मंत्री ने कहा कि पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर सरकार को विशेषज्ञों, वाहन निर्माताओं और उपभोक्ताओं की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी नीति का उद्देश्य देशहित के साथ-साथ आम जनता को राहत देना भी होना चाहिए।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ईंधन नीति के कारण वाहन मालिकों को अतिरिक्त आर्थिक नुकसान न हो। उन्होंने केंद्र सरकार से इस पूरे मामले पर गंभीरता से विचार करने और आम जनता के हित में आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

