बैठक में SECL प्रबंधन की ओर से CMD Harish Duhan, DT(O) N. Franklin Jayakumar, D(HR) Biranchi Das, D(F) Sunil Kumar, DT(P&P) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
वहीं SECL संचालन समिति एवं विभिन्न श्रमिक संगठनों की ओर से सुजीत सिंह बीएमएस, नत्थूलाल पांडेय एचएमएस, अजय विश्वकर्मा एटक, गोपाल नारायण, इंटक, वी.एम. मनोहर सीटू एवं खुल्लर सीएमओएआई, सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में श्रमिक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। श्रमिक प्रतिनिधियों द्वारा मांग की गई कि आश्रितों को उनकी शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता के आधार पर रोजगार प्रदान किया जाए। साथ ही ठेका मजदूरों को Coal Mines Provident Fund Organisation (CMPF) के दायरे में शामिल करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

बैठक में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि शारीरिक रूप से अक्षम (असक्त/अपाहिज) कर्मचारियों को मेडिकल अनफिट घोषित कर उनके आश्रितों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
इसके अतिरिक्त, SECL जैसी लाभकारी सब्सिडियरी कंपनी के 25% शेयर आईपीओ के माध्यम से बेचने के प्रस्ताव पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।
श्रमिक संगठनों ने Labour Codes India 2020 के लागू होने पर भी विरोध दर्ज करते हुए कहा कि इससे श्रमिकों के अधिकारों में कमी आएगी, ट्रेड यूनियन कमजोर होंगी तथा कई महत्वपूर्ण श्रम कानून समाप्त हो जाएंगे।
बैठक में JBCCI की 12वीं कमेटी (JBCCI-12) के गठन में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए गए तथा शीघ्र गठन की मांग की गई। भू-आश्रित रोजगार का सरलीकारण किया जाना चाहिए l कोयला डिस्पेच मे रेलवे रैक की काफी कमी है इसका समाधान निकलना आवश्यक है l
इसके अतिरिक्त CMOAI के सदस्यों द्वारा अधिकारियों के हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें श्रमिकों के हितों की रक्षा एवं संगठनात्मक मजबूती पर विशेष जोर दिया गया।












