--:--
Home Uncategorized आवारा कुत्तों का आतंक: मासूम की मौत के बाद भी प्रशासन सुस्त, मेयर के बयान पर भड़का जनता का गुस्सा

आवारा कुत्तों का आतंक: मासूम की मौत के बाद भी प्रशासन सुस्त, मेयर के बयान पर भड़का जनता का गुस्सा

by shriwashkchandra@gmail.com
2 views





शहर में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ दिनों पहले एक दिल दहला देने वाली घटना में, आवारा कुत्तों के झुंड ने एक 5 वर्षीय मासूम बच्चे को नोच-नोच कर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम और आक्रोश का माहौल है। लेकिन इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासन का रवैया बेहद उदासीन और गैर-जिम्मेदाराना बना हुआ है।

मेयर के बयान ने जख्मों पर छिड़का नमक
इस दर्दनाक हादसे के बाद जनता में भारी आक्रोश है, जिसे शांत करने के लिए मेयर ने पीड़ित परिवार को 1 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है।

मेयर के इस कदम की चौतरफा आलोचना हो रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि किसी के घर का चिराग बुझ जाने की कीमत सिर्फ 1 लाख रुपये नहीं हो सकती। जनता का सीधा सवाल है: क्या 1 लाख रुपये देने से मासूम की जान वापस आ जाएगी?

सबसे बड़ी विडंबना यह है कि मेयर ने मुआवजे की घोषणा तो कर दी, लेकिन “कुत्तों के इस आतंक पर क्रैकडाउन (कड़ा एक्शन) कैसे किया जाए?” इस पर उनके पास कोई ठोस विकल्प या कार्ययोजना नहीं है। प्रशासन सिर्फ खानापूर्ति करने में जुटा है।

निगम आयुक्त का निर्देश: अंतिम छोर तक पकड़े जाएं कुत्ते
बढ़ते जन आक्रोश को देखते हुए नगर निगम आयुक्त ने आखिरकार इस मामले में दखल दिया है। उन्होंने निगम की ‘डॉग कैचिंग’ (कुत्ता पकड़ो) टीमों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

सघन अभियान: आयुक्त ने आदेश दिया है कि शहर के हर इलाके, गली और अंतिम छोर तक तलाशी ली जाए और खतरनाक व हिंसक हो चुके आवारा कुत्तों को तुरंत पकड़ा जाए।

नसबंदी और टीकाकरण: पकड़े गए कुत्तों को शेल्टर होम भेजने, उनकी नसबंदी (Sterilization) करने और एंटी-रेबीज टीकाकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है।

जवाबदेही तय: आयुक्त ने साफ किया है कि यदि लापरवाही के कारण दोबारा ऐसी कोई घटना होती है, तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जनता की मांग: मुआवज़ा नहीं, सुरक्षा चाहिए
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रशासन केवल हादसे के बाद जागता है।

“हमें नगर निगम से भीख या मुआवज़ा नहीं चाहिए, हमें अपने बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल चाहिए। शाम होते ही बच्चों का घर से निकलना दूभर हो गया है। जब तक सड़कों से इन हिंसक कुत्तों को हटाया नहीं जाता, तब तक हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।”
— स्थानीय निवासी

मुख्य चिंताएं जो अब भी बरकरार हैं:

क्या निगम की टीमें केवल कुछ दिनों के दिखावे के लिए सक्रिय हुई हैं?

घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कुत्तों की बढ़ती संख्या को रोकने का स्थायी समाधान क्या है?

पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (Animal Birth Control Rules) और मानव सुरक्षा के बीच संतुलन कब बनेगा?

अभी भीं जिले कई csc सेन्ट्ररो मेँ रेबिंज के इंजेक्शन नहीं है लोग प्राइवेट क्लिनिक मेँ लोग ऊंचे दाम पर इंजेक्शन लगावने को मजबूर है l

प्रशासन को अब खोखले वादों और चंद रुपयों के मुआवजे से ऊपर उठकर धरातल पर कड़े कदम उठाने होंगे, ताकि किसी और मां की गोद सूनी न हो।

You may also like

Contact Us

chandra kumar shriwas

संपादक – चन्द्र कुमार श्रीवास

संपर्क – 6261299296

ईमेल -shriwaskchandra@gmail.com

पता – बांकी मोंगरा, कोरबा, छत्तीसगढ़

Udhyam No : UDYAM-CG-10-0033758

Important Links

All Rights Reserved © 2026 Manas News Chhattisgarh