अक्षय तृतीया एवं भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर बांकी मोंगरा सिद्धदात्री मंदिर सेवा समिति द्वारा एक संकल्प एवं प्रेरणादायक पहल की गई। समिति के सदस्यों ने केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि ‘जीव सेवा ही शिव सेवा’ के संकल्प को दोगुना करते हुए क्षेत्र के निवासियों से आशीर्वाद लिया।

400 किलों का वितरण
समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के तहत लगभग 400 किलों ककड़ी,खीरा, अन्य सब्जी को मवेशीयो को भोजन कराए l
चिलचिलाती गर्मी को देखते विशेष ध्यान रखा गया की मवेशीयो को भीं भीषण गर्मी से बचाया जा सके
ककड़ी और खेडड़ा: जो गर्मी में नारियल को गोदाम में रखने में मदद करते हैं।
बर्बीट्टी और बैंगन: पोषक तत्व से भरपूर चारा।

सिद्धदात्री मंदिर सेवा समिति के सदस्यों ने बताया कि भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर वे समाज को यह संदेश देना चाहते थे कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक ही सीमित नहीं है, बल्कि गौ की सेवा करना भी ईश्वर की सच्ची भक्ति है। विचरण करने वाले में बेसहरा मवेशीयो को भरपेट भोजन मिल सके
इस नेक कार्य के दौरान मंदिर वाले, आश्रम वाले और स्थानीय लोगो में भी उत्साह दिखाया गया। लोगों ने समिति के इस प्रयास की सराहना किए
बांकी मोंगरा की इस समिति ने राष्ट्रीयता की सेवा कर समाज का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है।
“जीव माता पर दया करना ही मनुष्य का परम धर्म है। भगवान परशुराम ने सदैव न्याय और धर्म की रक्षा की, और आज उनकी जयंती पर गौ की सेवा करना हमारे लिए मानवता का परम धर्म है।” — सदस्य, सिद्धदात्री मन्दिर सेवा समिति








