सक्ती, कोरबा ///छत्तीसगढ़।
गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण बेरोजगारी योजना (मनरेगा) में एक बड़ा मामला सामने आया है। जांजगीर-चाँपा से अलग किये गये नवनिर्मित जिला सक्ती के जिला पंचायत डभरा को ग्राम पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर लाखों अमीरों के बंदरबांट का खुलासा हुआ है। इस मामले में सहायक अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) और वर्तमान में कोरबा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में सहायक कार्यपालन इंजीनियर अशोक कुमार जोगी पर लगे गंभीर आरोप जांच में सही पाए गए हैं।
तीन अलग-अलग कार्यकलापों में लाखों का गबन
जांच रिपोर्ट के अनुसार, कुल तीन प्रमुख निवेशकों पर वित्तीय निवेशकों और पद के दस्तावेजों की पुष्टि हुई है:
एक्सेप्टिन कार्य पर 19.30 लाख का भुगतान: पिछले 5 वर्षों में लैबर के तहत कार्यशाला स्थल पर भौतिक रूप से कोई भी कार्य नहीं किया गया। इसके बावजूद, सरकारी रिकॉर्ड में कागजों पर काम करते हुए 19 लाख 30 हजार रुपये की राशि अंकित की गई।
परियोजना के विरोध में 17.62 लाख रुपये का खर्च: चुनौती एवं तकनीकी उद्यम के लैपटॉप को टेक पर ले जाने के लिए, बिना किसी निर्माण कार्य के 17 लाख 62 हजार रुपये का अतिरिक्त खर्च दिखाया गया। जांच दल को उद्यम योजना के सचिवालय पर कोई कार्य नहीं मिला।
अपूर्ण धरसा निर्माण और सामुदायिक पाइप घोटाला: ग्राम पंचायत में धरसा निर्माण कार्य को पूरा बताया गया था, जबकि वास्तविकता में निर्माण हुआ ही नहीं। वहीं, ह्यूमर पाइप का काम भी अधूरा पाया गया। इस मद में 4 लाख 67 हजार रुपये का घोटाला हुआ है।
जांच में आरोप सिद्ध, कार्रवाई की तैयारी
ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) के सांख्यिकी अनुविभागीय अधिकारी अशोक कुमार जोगी के पद के दौरान हुई विभाग की ओर से कर्मचारियों के बारे में पूछे गए सवाल नीचे दिए गए हैं। जांच अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तकनीकी उद्यमों और आकलन में भारी मात्रा में विविधता पैदा की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी धन का गबन करना था।
नोट: वर्तमान में अशोक कुमार जोगी कार्यपालन के पद पर नियुक्त होकर कोरबा में सेवा दे रहे हैं। आरोप सिद्ध होने के बाद अब शासन स्तर पर उन पर दबाव और कार्यवाही की तलवारें लटकी हुई हैं।
मुख्य बिंदु: एक नज़र में
मद स्थिति राशि (अनुमानित)
मनरेगा कार्य (5 वर्ष) मशीन पर कोई काम नहीं ₹ 19,30,000
निर्देशीय/तकनीकी कार्य भौतिक विज्ञान में कार्य नदारद ₹ 17,62,000
धरसा एवं राम पाइप कार्य अधूरा/अस्तित्वहीन ₹ 4,67,000
कुल गबन ₹ 41,59,000
आगे एक नया खुलासा जल्द होगा सामान कार्य के दो पहलु कमीशन खोरी या कुछ और……………?













